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मनसबदारी प्रथा का आरम्भ

मनसबदारी प्रथा का विकास मुग़ल काल में 1566 से लेकर 1575 के मध्य अकबर के शासनकाल में धीरे धीरे कई चरणों में हुआ | अकबर के ही शासन काल में 1575 में  इस प्रथा को अंतिम रूप दिया गया और पूर्ण रूप से लागु कर दिया गया | मुग़ल काल में जो सैन्य संगठन प्रणाली थी उसी को मनसबदारी प्रथा के नाम से संबोधित किया जाता था | यह प्रथा भारतीय … Read more

मुगलों का प्रान्तीय प्रशासन

मुगलों का प्रान्तीय प्रशासन, केन्द्रीय प्रशासन का प्रतिरूप था। अबुल फजल के अनुसार अपने शासन के 24 वर्ष में अपने साम्राज्य को 12 प्रान्तों में विभक्त करते समय अकबर ने प्रत्येक सूबे में एक सिपाहसलार, एक दीवान, एक बख्शी, एक मीर अदल, एक सद्र, एक कोतवाल, एक मीर-ए-बहर तथा एक वाकिया नवीश नियुक्त किया। डॉ० परमात्मा शरण का अभिमत है कि मीर-अदल शब्द का प्रयोग प्रमुख काजी के लिए किया … Read more

मुगल काल का केन्द्रीय प्रशासन

मुगल कालीन भारत के राजनीतिक इतिहास की भांति उनका प्रशासनिक इतिहास भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। मुगल सम्राज्य से पूर्व भारत में मुस्लिम सल्तनत कायम थी। मुस्लिम या तुर्क सल्तनत की प्रशासनिक व्यवस्था तथा मुगल काल की प्रशासनिक व्यवस्था में पर्याप्त अन्तर था। साथ ही इसकाल में प्रशासन के क्षेत्र में युगान्तकारी सुधार किए गए, जिनका प्रभाव चिरस्थायी हुआ और उनका अनुकरण बाद में किया जाता रहा। इस दृष्टि से … Read more

मुगल राजत्त्व सिद्धान्त

मुगल सम्राटों के राजत्त्व सिद्धान्त की पहली विशेषता  मुगल राजत्त्व सिद्धान्त की दूसरी विशेषता  मुगल राजत्त्व सिद्धान्त की तीसरी विशेषता मुगल शासकों के राजत्त्व सिद्धान्त की चौथी विशेषता