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गाँधी जी का राम राज्य एवं आदर्श राज्य क्या था ?

राम राज्य को आदर्श राज्य क्यों कहा गया है ? गाँधी जी ने प्लेटो के समान ही दो आदर्शों का वर्णन किया है- प्रथम पूर्ण आदर्श, जिसे वे ‘राम राज्य’ कहते हैं और द्वितीय, उप-आदर्श जिसे वे ‘अहिंसात्मक समाज‘ कहकर पुकारते हैं। उनके पूर्ण आदर्श सामाजिक व्यवस्था के अन्तर्गत राज्य के लिए कोई स्थान नहीं है। वे राज्यविहीन समाज की स्थापना करना चाहते थे। इसलिए उनके द्वारा व्यावहारिक दृष्टिकोण से उप-आदर्श की … Read more

गाँधी जी के राजनैतिक विचार

Mahatma Gandhi Ji  के राजनीतिक विचारों को गाँधीवाद की संज्ञा दी जाती है। गांधीवाद क्या है, इसकी सार्थकता कहाँ तक है इसके मूल तत्त्व क्या हैं आदि प्रश्नों का उत्तर Gandhi ji स्वयं देते हुए कहा है-“गाँधीवादी विचारधारा के नाम से कोई दर्शन नहीं है ना ही मैं अपने पीछे कोई वाद छोड़ना चाहता हूँ। मैं यह दावा नहीं करता कि मैंने किसी नये विचार अथवा सिद्धान्त का प्रतिपादन किया … Read more

Thought of Gandhism and Marxism

Gandhism and Marxism stand for the political philosophies of Mahatma Gandhi and Karl Marx (1818-83) respectively. Marx was a nineteenth-century German philosopher; Gandhi was a twentienth-century Indian philosopher. Both Gandhi and Marx were deeply concerned with the plight of the down-trodden. Both anticipated the emergence of a classless and stateless society for the emancipation of mankind. It is sometimes believed that their philosophies were akin to each other. But on … Read more