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BA Political Science Notes in Hindi PDF

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Topic- भारतीय राजनीतिक चिन्तन Indian Political Thinker

आपके परीक्षा में संभावित महत्त्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाने की आशा 2024

Unit-1 (इकाई-1)

1-प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिन्तन की प्रमुख विशेषताएँ

प्रश्न-1- प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिन्तन की प्रमुख विशेषताओं का विवेचन कीजिए। 

अथवा 

प्राचीन भारतीय राजनीतिक के मूलभूत स्त्रोतों पर एक समीक्षात्मक निबन्ध लिखिए।

अथवा 

प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिन्तन की प्रमुख विशेषताओं का मूल्यांकन कीजिए। 

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प्रश्न 2- प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिन्तन के प्रमुख स्रोतों के अन्तर्गत अर्थशास्त्र एवं धर्मशास्त्र परम्परा का वर्णन करते हुए अन्य स्रोतों की संक्षिप्त विवेचना कीजिए। 

अथवा 

प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिन्तन (राजदर्शन) के मूलभूत स्त्रोतों पर एक समीक्षात्मक निवन्ध लिखिए। 

अथवा 

‘प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिन्तन (दर्शन) धर्माभिमुखी था।’ इस कथन पर टिप्पणी कीजिए। अथवा प्राचीन भारतीय चिन्तन की अर्थशास्त्र व धर्मशास्त्र परम्परा का विवेचन कीजिए।

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2- मनु के राजनीतिक विचार 

प्रश्न-3- प्राचीन भारतीय चिन्तन में वर्णित वर्णाश्रम व्यवस्था की उत्पत्ति, प्रकृति व कार्यों का विवेचना कीजिए।

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प्रश्न-4- मनु द्वारा प्रस्तुत राज्य के आवश्यक तत्त्व या अंग (सावयवी अथवा सप्तांग सिद्धान्त) पर एक विवेचनात्मक निबन्ध लिखिए। अथवा मनु द्वारा वर्णत राज्य के सप्तांग सिद्धान्तों (राज्य की प्रकृति) का वर्णन कीजिए।

अथवा

मनु द्वारा प्रस्तुत राज्य के अवयवों (सावयव सिद्धान्तों) पर एक टिप्पणी लिखिए। 

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प्रश्न-5- विधि (कानून) एवं दण्ड पर मनु के विचारों की व्याख्या कीजिए। अथवा मनु द्वारा प्रस्तुत विधि निर्माण, न्याय प्रणाली (व्यवस्था) एवं दण्ड सम्बन्धी अवधारणा पर प्रकाश डालिए।

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प्रश्न-6- मनु स्मृति में वर्णित राजनीतिक एवं सामाजिक विचारों की व्याख्या कीजिए। 

अथवा

मनु स्मृति में वर्णित राजा के प्रमुख कर्त्तव्यों (राज्य के कार्य) एवं स्थिति (महत्त्व) का मूल्यांकन कीजिए। 

“मनु स्मृति में समग्र (सम्पूर्ण) राजनीतिक सिद्धान्त विद्यमान है।” इस कथन को उपयुक्त तथ्यों द्वारा स्पष्ट कीजिए। अथवा धर्म तथा दण्ड एवं परराष्ट्र नीति (विदेश नीति) के सन्दर्भ में मनु के विचारों का विश्लेषण कीजिए। 

अथवा

राजपद पर मनु के विचारों की विवेचना कीजिए। 

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3-कौटिल्य के राजनीतिक विचार

प्रश्न-7- कौटिल्य के प्रमुख राजनीतिक विचारों की विवेचना कीजिए। अथवा कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित राज्यपद, राज्य की उत्पत्ति, राज्य की प्रकृति अथवा स्वरूप, शान्ति और युद्ध तथा सप्तांग सिद्धान्त का वर्णन कीजिए। अथवा कौटिल्य द्वारा प्रतिपादित अन्तर्राज्यीय सम्बन्ध (षाड्गुण्यनीति) पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। 

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अथवा

प्राचीन भारत में अन्तर-राज्यीय सम्बन्धों पर कौटिल्य के विचारों की विवेचना कीजिए। 

प्रश्न-8– कौटिल्य का सामान्य परिचय देते हुए हिन्दू राजदर्शन के क्षेत्र में उनके द्वारा प्रस्तुत राजा अथवा राज्य के कार्यों पर प्रकाश डालिए। 

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित राज्य के कार्यक्षेत्र का वर्णन कीजिए।

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Unit-II (इकाई-II) 

4- जैन एवं बौद्ध राजनीतिक चिन्तन की प्रमुख विशेषताएँ

प्रश्न-9- जैन एवं बौद्ध धर्म के प्रमुख सिद्धान्तों का वर्णन राजनीतिक विचारों के परिप्रेक्ष्य में कीजिए। अथवा जैन राजनीतिक चिन्तन के मूलभूत लक्षणों (विशेषताओं) पर प्रकाश डालिए। अथवा बौद्ध राजनीतिक चिन्तन के प्रमुख विशेषताओं (लक्षणों) की विवेचना कीजिए।

अथवा

जैन राजनीतिक चिन्तन में अहिंसा के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।

अथवा

जैन एवं बौद्ध राजनीतिक चिन्तन के बीच तुलना कीजिए तथा दोनों के बीच विषमताओं की व्याख्या कीजिए।

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5. महाभारत में वर्णित राजनीतिक विचार

प्रश्न-10- महाभारत में वर्णित कल्याणकारी राज्य की उत्पत्ति तथा उसके कार्य, राजधर्म, राजा का महत्त्व एवं उत्तरदायित्त्व, अन्तर्राष्ट्रीय व वैदेशिक सम्बन्ध तथा राजनीतिक नैतिकता की व्याख्या कीजिए। 

अथवा 

महाभारत में वर्णित राज्य के प्रमुख अंगों को स्पष्ट कीजिए, तथा उनकी विवेचना कीजिए।

अथवा 

राज्य की उत्पत्ति तथा प्रकृति पर महाभारत (भीष्म) के विचारों की विवेचना कीजिए। 

अथवा

महाभारत के प्रमुख राजनीतिक विचारों की विवेचना कीजिए। 

अथवा 

महाभारत में प्राप्त राजनीतिक नैतिकता के विचारों का परीक्षण कीजिए। 

अथवा 

महाभारत में वर्णित अन्तर्राज्यीय सम्बन्धों का परीक्षण कीजिए।

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Unit-III (इकाई-III)

6-भारतीय पुनर्जागरण में राजा राममोहन राय के राजनीतिक विचार 

प्रश्न-11- “भारत में उदावादी आन्दोलन की शुरुआत राजा राममोहन राय से हुई,” इस कथन के आलोक में उनके सामाजिक एवं राजनीतिक विचारों की विवेचना कीजिए। 

अथवा 

राजा राममोहन राय के राजनीतिक चिन्तन के अन्तर्गत उनके राजनीतिक एवं धार्मिक उदारवाद का आलोचनात्मक वर्णन कीजिए। 

एक समाज सुधारक तथा भारतीय पुनर्जागरण के प्रतिनिधि के रूप में आधुनिक राजनीतिक चिन्तन को राजा राममोहन राय के अवदानों (देन) की विवेचना कीजिए। 

अथवा 

ब्रिटिश साम्राज्यवाद एवं आंग्ल उदारवाद के प्रति राजा राममोहन राय के दृष्टिकोण की व्याख्या कीजिए। 

अथवा 

राजा राममोहन राय के सामाजिक और राजनीतिक विचारों का मूल्यांकन कीजिए।

अथवा 

“राजा राममोहन राय भारतीय पुनर्जागरण के जनक थे।” इस कथन पर टिप्पणी कीजिए।

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7-दयानन्द सरस्वती एवं विवेकानन्द के राजनीतिक विचार 

प्रश्न-12- स्वामी विवेकानन्द के राजनीतिक एवं सामाजिक विचारों की विवेचना कीजिए। ये वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कहाँ तक प्रासंगिक (समीचीन) हैं?

अथवा

स्वामी विवेकानन्द के राजनीतिक दर्शन, राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता, आत्मसम्मान व स्वावलम्बन तथा समाजवाद सम्बन्धी विचारों की विवेचना कीजिए। 

अथवा

भारतीय राष्ट्रवाद के उत्थान में स्वामी विवेकानन्द के योगदानों की विवेचना कीजिए। 

अथवा

भारतीय राजनीतिक चिन्तन में विवेकानन्द के योगदानों का परीक्षण कीजिए। 

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प्रश्न-13- स्वामी दयानन्द सरस्वती के सामाजिक एवं राजनीतिक विचारों का वर्णन कीजिए।

अथवा 

आधुनिक भारतीय चिन्तन तथा राष्ट्रीयता को स्वामी दयानन्द के अवदानों (देन) पर प्रकाश डालते हुए विवेकानन्द के राष्ट्रवादी विचारों से तुलना कीजिए। 

अथवा 

दयानन्द के राजनीतिक विचारों का विश्लेषण करते हुए साथ ही विवेकानन्द के राजनीतिक विचारों से इसकी तुलना कीजिए। 

अथवा

स्वामी दयानन्द सरस्वती के राजनीतिक विचारों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

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Unit-IV (इकाई-IV)

8-बालगंगाधर तिलक के राजनीतिक विचार 

प्रश्न-14-लोकमान्य तिलक के स्वराज्य दर्शन और राजनीतिक स्वतंत्रता (स्वाचीनता) एवं समाज सुधार सम्बन्धी विचारों का वर्णन कीजिए। 

अथवा

स्वराज्य एवं स्वदेशी अवधारणा पर तिलक के विचारों की विवेचना कीजिए। 

अथवा 

“तिलक राजनीतिक अतिवाद एवं सामाजिक प्रक्रिया का प्रतिनिधित्त्व करते हैं।” इस कथन की व्याख्या कीजिए।

अथवा

स्वराज्य तथा सामाजिक सुधारों के सम्बन्ध में तिलक के विचारों का वर्णन कीजिए। 

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प्रश्न-15-“लोकमान्य तिलक का राष्ट्रवाद भारत को विदेशी शासन से मुक्त दिलाने का एक प्रयास था।” क्या इस कथन से आप सहमत हैं? 

अथवा 

“तिलक का राष्ट्रवाद पुनरुत्थानवादी एवं आक्रामक (उग्र) राष्ट्रवाद दोनों था।’ इस कथन की विवेचना कीजिए। 

अथवा 

तिलक के राजनीतिक विचारों के अन्तर्गत उनकी राष्ट्रवादी अवधारणा का विवेचन कीजिए। 

अथवा 

क्या तिलक राजनीति में क्रान्तिकारी थे? इस कथन के परिप्रेक्ष्य में उनके उग्रराष्ट्रवाद की विवेचना कीजिए। 

अथवा 

‘लोकमान्य तिलक को भारतीय अशान्ति का जनक अथवा उग्र राष्ट्रीयता का अग्रदूत माना जाता है।’ इस कथन से आप सहमत हैं? 

राष्ट्रवाद पर बाल गंगाधर तिलक के विचारों की समीक्षा कीजिए। 

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9- अरविन्दो घोष का राजनीतिक विचार

प्रश्न-16-“राष्ट्रवाद एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है अपितु धर्म की भाँति यह जीवन पद्धति है।” अरविन्दो घोष के इस कथन की व्याख्या कीजिए। 

अथवा 

अरविन्दों के राष्ट्रवाद सम्बन्धी अवधारणाओं (विचारों) का वर्णन कीजिए। 

अथवा 

“महर्षि अरविन्दो भारतीय राष्ट्रवाद के पैगम्बर हैं।” इस कथन की व्याख्या कीजिए।

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10-एम. एन, राय के राजनीतिक विचार

प्रश्न-17 एम. एन. राय के मौलिक मानवतावाद (नव मानवतावाद अथवा वैज्ञानिक मानवतावाद) की धारणा का विवेचन कीजिए। अथवा एम. एन. राय के नव मानवतावादी (उत्कृष्ट या अमूल परिवर्तनीय मानवतावादी) विचारक के रूप में मूल्यांकन कीजिए। अथवा एम. एन. राय के उग्र मानवतावाद के सिद्धान्त पर समीक्षात्मक निबन्ध लिखिए।

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प्रश्न-18-एम. एन. राय द्वारा दी गई मार्क्सवादी समीक्षा का मूल्यांकन कीजिए। अथवा एम. एन. राय के मार्क्सवादी विचारों (अवधारणा) पर एक विवेचनात्मक निबन्ध लिखिए।

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प्रश्न-19- ‘एम. एन. राय का प्रारंभ एक क्रान्तिकारी तथा अन्त एक उदारवादी के रूप में हुआ।’ व्याख्या कीजिए।

 अथवा 

भारतीय राजनीतिक चिन्तन में एम० एन० राय के योगदानों का वर्णन कीजिए। 

अथवा 

एम. एन. राय के राजनीतिक चिन्तन पर प्रकाश डालिए।

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Unit-V (इकाई-V)

11-जय प्रकाश नारायण के राजनीतिक विचार

प्रश्न-20-समाजवाद तथा सम्पूर्ण क्रान्ति (समग्र क्रान्ति) के विषय में जय प्रकाश नारायण के विचारों का वर्णन कीजिए। 

अथवा 

समग्र क्रान्ति तथा दल विहीन लोकतंत्र पर जे० पी० नारायण के विचारों की विवेचना कीजिए। 

अथवा

जय प्रकाश नारायण के समाजवादी एवं सर्वोदयी विचारक के रूप में सत्ता के विकेन्द्रीकरण, निर्वाचन प्रणाली में सुधार तथा दल विहीन लोकतन्त्र के विचारों पर प्रकाश डालिए। 

अथवा 

दल विहीन लोकतंत्र के सन्दर्भ में जय प्रकाश नारायण के विचारों का परीक्षण कीजिए।

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12-जवाहर लाल नेहरू के राजनीतिक विचार

प्रश्न-21-समाजवाद तथा पंथ निरपेक्षता (धर्म निरपेक्षता) के सम्बन्ध में जवाहर लाल नेहरू के विचारों को स्पष्ट कीजिए। 

अथवा

लोकतान्त्रिक समाजवाद (जनतान्त्रिक समाजवाद) लोकतंत्र तथा पंथ निरपेक्षता पर जवाहर लाल नेहरू के विचारों का वर्णन कीजिए। 

अथवा

जनतन्त्र अथवा लोकतंत्र पर जवाहर लाल नेहरू के विचारों की विवेचना कीजिए। 

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प्रश्न-22-एक मानवतावादी एवं राष्ट्रवादी विचारक के रूप में जवाहर लाल नेहरू के विचारों का वर्णन कीजिए।

अथवा 

नेहरू के मानवतावाद, राष्ट्रवाद तथा अन्तर्राष्ट्रवाद सम्बन्धी विचारों की व्याख्या कीजिए। 

अथवा

नेहरू के अन्तर्राष्ट्रीयतावाद के अन्तर्गत पंचशील के प्रणेता के रूप में वर्णन कीजिए। 

अथवा

जवाहर लाल नेहरू के प्रमुख राजनीतिक विचारों के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीयता एवं विश्व शान्ति सम्बन्धी विचारों का उल्लेख कीजिए। 

अथवा 

‘राष्ट्रवाद’ एवं ‘अन्तर्राष्ट्रवाद’ के विषय में जवाहर लाल नेहरू के विचारों का विवेचन कीजिए।

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13-महात्मा गाँधी के राजनीतिक विचार

प्रश्न-23-महात्मा गाँधी द्वारा प्रतिपादित आदर्श राज्य की अवधारणा का वर्णन कीजिए। ऐसे राज्य की सम्भावना वर्तमान परिप्रेक्ष्य में किस सीमा तक सम्भव है? 

अथवा 

“गाँधी जी एक दार्शनिक अराजकवादी थे।” इस कथन के आलोक में गाँधी जी के आदर्श राज्य की अवधारणा की विवेचना कीजिए। 

अथवा 

क्या आप इस मत से सहमत हैं कि गाँधी एक दार्शनिक अराजकवादी थे? सकारण उत्तर दीजिए।

अथवा 

“महात्मा गाँधी अराजकवादी थे।” क्या आप इस मत से सहमत हैं? 

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प्रश्न-24-आधुनिक भारतीय राजनीतिक चिंतन में गाँधी के योगदानों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। 

अथवा 

महात्मा गाँधी के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक (औद्योगीकरण) एवं संसदीय लोकतंत्र सम्बन्धी विचारों की व्याख्या कीजिए। 

अथवा 

“गाँधी जी का राजनीतिक चिन्तन सत्य अहिंसा पर आधारित था।” इस कथन की समीक्षा कीजिए। 

अथवा 

अहिंसा, सत्याग्रह एवं ट्रस्टी शिप (न्यासिता) सिद्धान्त पर महात्मा गाँधी के विचारों का परीक्षण कीजिए।

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14-डॉ० बी० आर० अम्बेडकर के राजनीति विचार 

प्रश्न-25-डॉ० बी० आर० अम्बेडकर के सामाजिक एवं राजनीतिक विचारों का परीक्षण कीजिए।

अथवा

डॉ० अम्बेडकर के सामाजिक विचार के अन्तर्गत सामाजिक न्याय (सामाजिक असमानता) तथा दलितोद्धार के परिप्रेक्ष्य में एक निबन्ध लिखिए। 

अथवा 

भारत में दलितोत्थान हेतु डॉ० अम्बेडकर द्वारा किए गए कार्यों (योगदानों) का वर्णन कीजिए। 

अथवा

‘डॉ० अम्बेडकर दलित समुदाय के मसीहा थे’ इस कथन के आलोक में उनके सामाजिक विचारों का परीक्षण कीजिए। 

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